आज १२-१३ अगस्त २०१२ को , परम पूज्य दादा जी इतिहास केसरी मास्टर नत्थासिंह जी "निर्दोष" की  ४०वी पुण्यतिथि पर , अपने बड़े बुजुर्गों के शुभाशीष और आशीर्वाद से , बड़े हर्ष के साथ यह वेबसाइट आप  को समर्पित करते हैं . इसके मात्ध्यम से और आप सब के अटूट सहयोग से   आजीवन आप सब की सेवा और शुभ कार्य करने का अवसर प्राप्त होगा, ऐसी हमारी आशा है.  जय भोले बाबा की !!

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स्वामी बुआ दित्ता जी महाराज PDF Print E-mail
Written by Yogesh Rishi   
Wednesday, 08 August 2012 23:59

मास्टर नत्थासिंह जी एक उच्च कोटि के संत , कवी और भगवत भक्त थे . हालांकि उनका शरीरांत हुए ४० वर्ष बीत चुके हैं , लेकिन उनके साद विचार आज भी विद्वानों की सभा में गुंजाई मान हो रहा है!
वेदांत को जिस सुगम और सरल भाषा में उन्होंने व्यक्त किया जिसे की साधारण मति व्यक्ति भी आसानी से ग्रहण कर सकें ! जैसे तुलसी की रामायण, जयदेव के गीत गोविन्द, बिंदु जी के भजन जन मानस में व्याप्त हैं , उसी प्रकार मास्टर जी की जीवन पूँजी हज़ारों की जीवन पूँजी बन चुकी है.
मेरे लिए तो जैसे थके हारे राही को देव योग से कल्प वृक्ष मिल जाये वैसा ही है ! मास्टर जी के भ्हाव देश भक्ति और सामाजिक चेतना जीवन दर्शन सतत्त शाश्वत हैं! और आज भी उनकी प्रसांगिकता जन मानस में अवयाशक है ! यह धरा ऐसे कर्म्यागी को बार बार उत्पन्न नहीं करती है ! हमारी हार्दिक अभिलाषा यही है की मास्टर जी के विचारों को जन मानस में सम्यक रूप में वितरित किया जाये जो की प्रकाशित जीवन पूँजी के माध्यम से अब तक होता आ रहा था और अब उनका समस्त परिवार इस वेबसाइट के माध्यम से कर रहा है. इसके लिए मैं उनके समस्त परिवार का हार्दिक आभारी हूँ.

स्वामी बुआ दित्ता जी
जम्मू